कार्बनिक और औषधीय रसायन

परिकल्पना

रसायन विभाग का लक्ष्य संघटित प्रयासों के माध्यम से रासायनिक एवं जैविक समस्याओं का अध्ययन करना है ताकि पौधों सें नए अणुओं की खोज हो सके, संमिश्र अणुओं के लिए सिंथेटिक रणनीतियों का विकास हो सके, नैनोस्कोिपिक पदार्थों एवं संगठित माध्यम में प्रतिक्रिया का अध्ययन और जैविक मैक्रोमोलेक्युल की अंतर्क्रिया का अध्ययन किया जा सके । इसके साथ ही, यह विभाग औद्योगिक एवं संस्थागत साझीदारों के साथ सक्रिय सहभागिता करके औषधि एवं अन्य महत्वपूर्ण जैवाणुओं के विकास में प्रतिभागिता भी करना चाहता है।

उद्देश्‍य

  • कार्बोहाइड्रेट व्युत्पादों से चाइरल साइक्लिक एर्थस, एमिनेस और आर. एन. ए. एनालॉग के संश्लेषण के लिए रणनीति का विकास करना ।.
  • जैविक क्रियाकलापों के लिए स्‍क्रीनिंग नई सिंथेटिक पद्धतियों, और संश्लेषीकृत हेटेरोसाइक्लिक यौगिकों का विकास करना ।
  • कार्बोहाइड्रेट व्युत्पन्न संरचनागत दृष्टि से अनोखे न्यूक्लियोसाइड के लिए पद्धति स्थापित करना ।
  • पादप औषधियों एवं अन्य जैवसक्रिय अणुओं का विकास करना तथा उन्हें वाणिज्यीकृत करना।
  • टीका उम्मीदवार के रूप में ओलिगोसैकराइड एवं नियो-ग्लाइकोप्रोटीनों का संश्लेषण करना तथा ग्लाइकोबायोलोजी एवं ग्लाइकोविज्ञान के लिए संगत पैथोजेनिक बैक्टिरियल लिपोपोलिसैकराइडों का संरचनागत अध्ययन करना ।
  • सक्षम एंटी-कैंसर, एंटी-हाइपरलिपिदेमिक और एंटी-माइक्रोबियल एजेंट के रूप में मीडियम रिंग हिटेरोसाइकल का निर्माण एवं संश्लेषण करना ।
  • क्विनोलाइन के आधार पर एंटी-लिशमानिया और एंटी-एंसेफेलिटिस यौगिकों के संश्लेषण हेतु पद्धति का विकास करना ।
  • संगठित माध्यम में चयनित जैविक प्रतिक्रिया करने हेतु नई प्रतिक्रिया पद्धति एवं रिएजेंट की खोज के लिए नए चाइरल सरफैक्टेंट का निर्माण एवं संश्लेषण करना ।
  • नैनोस्कोपीक पदार्थो, जैसे स्‍थामा नैनोकणों एवं नैनोफाइबरों का अध्ययन करना।
  • औषधीय पौधों से जैवसक्रिय उपादानों का वियोजन एवं लक्षण निर्धारण करना ।
  • पोलिमॉर्फिक न्यूक्लिक अम्ल संरचना में अल्कालोयड एवं अन्य प्राकृतिक उत्पादों को आबद्ध करने के लिए पद्धति, क्रियाविधि, अनुक्रम, विशेषता एवं ऊर्जात्मकता को समझना ।

 


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