संक्रामक रोग और प्रतिरक्षन

परिकल्‍पना

संक्रामक रोग पूरे विश्व में गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्या के रूप में विद्यमान है । औषधि प्रतिरोधी नए क्लोन के पैदा होने के कारण समस्या और भी जटिल हो गई है । संक्रामक रोगों को नियंत्रित करने, उन्हें समाप्त करने या दूर करने में प्रगति करना आज अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंडा का एक महत्वपूर्ण भाग है । इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए भारतीय रासायनिक एवं जीव विज्ञान संस्थान का यह प्रभाग आंत्रिक लिशमानियासिस के कारक एजेंट लिशमानिया डोनोवनी और विव्रिओ कलरा एवं शिगेला प्रजाति जैसे बडे़ एंट्रोपैथोजेन पर विभिन्न प्रकार के अनुसंधान कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, जो भारत में स्वास्थ्य संबंधी बड़ी समस्या है । जेनोमिक्स एवं प्रोटियोमिक्स का प्रयोग करके आई. आई. सी. बी. के समूह ने मानव पैथोजीन द्वारा होने वाले रोगों को नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप करना प्रारंभ कर दिया है । इन रणनीतियों में शामिल है – 1. होस्ट-पैरासाइट अंतर्क्रिया का निवारण 2. नए ट्रांसमेम्ब्रेन प्रोटीनों की पहचान, जो उन पैरासाइटों के लिए विशेष रूप से आवश्यक है जो औषधि विकास के लिए सक्षम लक्ष्य हो सकते है 3. एंटी-लिशमानिया वाले औषधि निर्माण के लिए सब-सेलुलर अ‍ॉर्गेनेली, ग्लाइकोजोम को टार्गेट बनाना 4. देशी पौधों से प्राप्त डी. एन. ए. टोपोआइसोमेरेस-आधारित थेराप्यूटिक एजेंटों का विकास 5. डी. एन. ए. टोपोआइसोमेरेस / एडेनोसाइन किनेस जैसे महत्वपूर्ण एंजाइमों का संरचना-कार्य संबंध 6. कोशिका संकेतन के संबंध में प्रोटीन काइनेजस 7. लिशमेनिया में योजनाबद्ध कोशिका मृत्यु 8. टीका एवं परीक्षणों का विकास 9. वी. कोलरा में वीरूलेंस जीन प्रकटीकरण एवं दबाव बचाव 10. वी. कोलरा की वृद्धि, जीवन, बायोफिल्म निर्माण और वीरूलेंस के लिए आवश्यक जीन के प्रकटीकरण में विविध आंतरिक एवं एक्स्ट्रासेलुलर लघु संकेतन अणुओं की भूमिका 11. वी. कोलरा जेनोम की सी. टी. एक्स., आर. आर. एन. एवं एस. एक्स. टी. लोसी का जेनेटिक मैपिंग ताकि नए संक्रामक क्लोनों की तेज गति से होने वली उत्पत्ति को समझा जा सके, और 12. शिगेला प्रजातियों का तुलनात्मक जेनोमिक्स

उद्देश्य

  • डोनोवनी एंटीजेन के एडजुवैन्टिसिटी तथा रक्षात्मक कुशलता पर फॉस्फोलिपिड संगठन की भूमिका
  • आंत्रिक लिशमानियासिस के परीक्षण हेतु सफल रक्त आधारित जॉच का विकास
  • प्रयोगिक लिशमेनियासिस के एनटीजेन प्रस्‍तुतीकरण
  • प्रयोगात्मक लिशमानियासिस के विरूद्ध लिशमानिया डोनोवनी के प्रकार I एवं प्रकार II डी. एन. ए. टोपोआइसोमेरेस के अलग-अलग क्षेत्र का संरचनागत कार्य
  • थेराप्यूटिक्स के विकास के लिए लक्ष्य के रूप में लिशमानिया डोनोवनी का डी. एन. ए. टोपोआइसोमेरेस
  • डी. एन. ए. टोपोआइसोमेरेस निषेधक द्वारा प्रेरित लिशमानिया डोनोवनी की योजनाबद्ध कोशिका मृत्यु
  • मॉडल मैक्रोफेज रोग के रूप में आंत्रिक लिशमेनियासिस का उपयोग करते हुए रोग पैथोजेनेसिस के संबंध में मैक्रोफेज जीवविज्ञान
  • लिशमेनिया जैसे यूकेरियोटिक इंट्रासेलुलर पैथोजेन की संक्रामकता में व्यापक चक्रीय न्य़ूक्लियोटाइड संकेतन
  • मैक्रोफेज सहयुक्त रोगों के विरूद्ध प्रभावी चिकित्सा के लिए प्राकृतिक मूल का इम्युनोमोडुलेटर
  • लिशमानिया प्रोमेस्टिगोट में प्रोटीन किनेस एवं प्रोटीन फॉस्फेटेजेस का नियमन
  • लिशमानिया स्ट्रेन का भंडारण, रखरखाव और लक्षणनिर्धारण
  • मैक्रोफेज एवं लिशमानिया डोनोवनी के बीच अंतर्क्रिया को नियंत्रित करने के लिए फॉस्फेटिडाइल कोलाइन हाइद्रोलाइसिस के शामिल कर संकेतन क्रियाविधि
  • लिशमानिया डोनोवनी प्रोमेस्टिगोट के विकासात्मक नियमित गैलैक्टोसिलट्रांसफेरेज, गैलेक्टोज टर्मिनल ग्लाइकोकंजुगेट एवं तनूकरण का अध्ययन
  • लिशमानिया के विरूद्ध नया कैमोचिकित्सीय लक्ष्य की खोज
  • लिपोजोम-एनकैप्सुलेटेड लिशमानिया इम्युनोप्रोफिलैक्सिस एवं इम्युनोथेरापी
  • एल. डोनोवनी के होस्ट रक्षात्मक एण्टीजेन की पहचान
  • प्रयोगात्मक आंत्रिक लिशमानियासिस के विरूद्ध डी. एन. ए.टीका
  • लिशमानियासिस के विरूद्ध संकर कोशिका टीकाकरण
  • डेंड्राइटिक कोशिकाओं द्वारा प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया का मोडुलेशन
  • आर ओ एस स्‍केभेनजर द्वारा प्रति-कैंसर के नियमन।
  • औषधीय पौधा एवं उनकी सक्षमता से संबंधित अध्ययन
  • बचपन के गंभीर लिंफोब्लास्तीक ल्यूकेमिया में ओ-एसेटिलेट युक्‍त सियालोग्लाइकोकंजुगेट (Neu5,9Ac2-GPsALL) से संबंधित अध्ययन
  • स्वास्थ्य एवं रोग में जैवाणुओं के ग्लाइकोसिलेशन के प्रभाव को समझना
  • विभिन्न प्रकार की गंभीर प्रावस्था प्रतिक्रियाओं में शामिल मानव सी-प्रतिक्रिया प्रोटीन की जॉच
  • विब्रियौ कोलरा की कोलोनाइजिंग कुशलता पर hns मुटेशन का प्रभाव
  • वी. कोलरा में दबाव बचाव एवं विरूलेंस जीन प्रकटीकरण से संबंधित अध्ययन
  • वी. कोलरा के पैथोजेनिक क्लोन के मूल्यांकन का जेनोम विविधता एवं आणविक आधार
  • वी कोलेराई में सख्‍त अनुक्रिया के आणविक आधार
  • शिगेला प्रजाति का तुलनात्मक जेनोमिक्स ताकि भारी संक्रमणशील एस. डिसेंट्री प्रकार 1 के क्लोन की उत्पत्ति को समझा जा सके

वैज्ञानिक

तकनीकी अधिकारी

  • डॉ. (श्रीमती) मिता चट्टर्जी देबनाथ

एनएएसआई वरिष्‍ठ वैज्ञानिक एवं जे सी बोस फैलो (डीएसटी)

राजारामन्‍ना फैलो एवं जे सी बोस फैलो

  • डॉ. हेमन्त के. मजुमदार

 


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