जैवसूचना विज्ञान केंद्र

(डी. बी. टी. भारत सरकार द्वारा प्रायोजित) 

भारतीय सासायनिक जीवविज्ञान संस्थान में डी. बी. टी. के बी. टी. आई. एस. नेट कार्यक्रम के अधीन "संवितरित सूचना उप-केंद्र (डी. आई. एस. सी.)" नामक एक जैवसूचना विज्ञान केंद्र की स्थापना अक्तूबर, 2002 में की गई है । 

उद्देश्य 

  • जैवप्रौद्योगिकी / जिनोमिक्‍स प्रोटियोमिक्स पर सूचना संसाधन का निर्माण करना तथा संगत सूचना निपटान के उपकरण एवं तकनीक का विकासकरना।
  • इन सिलिको जीवविज्ञान पर मौलिक अनुसंधान कार्यक्रम विकसित करना तथा उनका संचालन करना (खासकर जेनोम विश्लेषण एवं मेटाजेनोमिक्स के क्षेत्र में)
  • राष्ट्रीय जैव-सूचना नेटवर्क प्रदान करना, जिसका निर्माण जैवप्रौद्योगिकी सूचना में अंतर-अनुशासनिक अंतराल को समाप्त करने हेतु किया गया है ।
  • जीवविज्ञान अनुसंधान के क्षेत्र में जैवसूचना विज्ञान के व्यवहार की सुविधा पैदा करना और उसे बढ़ाना तथा उपयोगकर्ताओ के राष्ट्रीय समुदाय को तकनीकी सहयोग सेवा से संबंधित जैवसूचना प्रदानकरना।
  • जैवसूचना विज्ञान एवं कंप्यूटेशनल जीवविज्ञान के विविध उपयोगों में दीर्घावधि / अल्पावधि प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना ।


कंप्यूटिंग सुविधा

हार्डवेयर 

  • एस. जी. आइ. अ‍ॉक्टेन वर्कस्टेशन
  • हाई एंड सर्वर (इंटेनियम-II एच. पी. इंटिग्रिटी सर्वर 4640), लाइनक्स ओ. एस.
  • मेल सर्वर (जियोन सर्वर)
  • पी-4 पी. सी.
  • लेजर प्रिंटर
  • डेस्कजेट प्रिंटर
  • तेज गति नेटवर्क प्रिंटर (200 एम. बी.) कॉपियर एवं स्कैनर कार्य सहित
  • हाई रिजोल्युशन स्कैनर

सॉफ्टवेयर 

आंतरिक सॉफ्टवेयर विकास कार्य 

  • सूक्ष्म-आणविक अनुक्रम विश्‍लेषण केंद्र (सी. एम. एस. ए.) के सदस्यों द्वारा नए एल्गोरिथ्म एवं कार्यक्रम विकसित किए जा रहे हैं।
  • इस समय इस केंद्र में विद्यमान आंतरिक रूप से विकसित सॉफ्टवेयरो में निम्नलिखित प्रमुख हैं -
    • जी. सी. ए. एवं कलस्टरविज - मार्कोव-चेन मोंटो कार्लो सिमुलेशन और उनके टैक्सोनोमिक संवितरण तथा कार्यात्मक व्याख्याओं में हाइपरलिंक के साथ समूहन को एकीकृत कल्पना पर आधारित प्रोटीन / जीन अनुक्रमों के समूहन के लिए C++ एवं पर्ल में विकसित कई कार्यक्रम ।
    • एस. पी. ए. एस. टी. (सबस्टिट्यूशन पैटर्न एनालाइसिस सॉफ्टवेयर टूल) - एक एकीकृत सॉफ्टवेयर उपकरण जो - (1) न्यूक्लियोटाइड प्रतिस्थापन (सिनोनिमस / गैर-सिनोनिमस / गैर-कोडिंग) पद्धति (2) एमिनो अम्ल प्रतिस्थापन पद्धति तथा (3) आर्थोलोगस या पैरालोगस जीन / जीन उत्पाद में गौण संरचना निर्माण के लिए प्रवणता में परिवर्तन के प्रमात्रात्मक विश्लेषण के लिएहै।
    • पी. आर. ओ. सी. जी. आर. - पीसी अधारित सॉफ्टवेयर उपकरण, जो जी.डब्लू. बेसिक पर तैयार किया गया है, का विकास प्रोटीन के विभिन्न परिवारों की अव्यवस्था गेम प्रस्तुतिकरण (सी. जी. आर) पद्धति के उत्पादन हेतु किया गयाहै।

 

वाणिज्यिक रूप से अर्जित सॉफ्टवेयर पैकेज 
सिलिकोन ग्राफिक अ‍ॉक्टेन में इनसाइट II प्लैटफॉर्म (वर्शन 2000.1) 

  • मोडुल्स :
    • होमोलॉजी मोडलिंग
    • डेल्फी
    • बायोपोलिमर
    • डॉकिंग
  • जी. सी. जी. विस्कोनसिन पैकेज (वर्शन 10.3) एवं सेकवेब (वर्शन 2.1) (अनुक्रम विश्लेषण पैकेज)
  • डी. एन. ए. स्टार लोजर जीन (जेनोम एवं प्रोटीन अनुक्रम विश्लेषण)
  • डी. एस. जीन (वर्शन 1.5) (प्रोटीन मोडलिंग एवं सिमुलेशन उपकरण का योग)
  • स्टेटिस्टिका (वर्शन 6) (सांख्यिकीय विश्लेषण पैकेज)
  • कोरेल ड्रॉ
  • विजुअल स्टूडियो .नेट
  • एंड नोट (वर्शन 8.0.2)
  • सिग्मा प्लॉट (वर्शन 9.0)
  • एडोब क्रिएटिव सूट


हाल के प्रकाशन एवं अनुसंधान (पी. एंड आई.) 

  • दास एस., पाल ए., चटर्जी एस., दत्ता सी (2005) - जीनस जीनस बार्टोनिला केदो बड़े मानवीय पैथोजेन में प्रयुक्त कोडोन एवं एमिनो अम्ल - प्रतिकृत्यात्मक-रूपांतरणीय चयन, परिवर्तनीय नियंत्रण और लागत न्यूनीकरण के बीच अनुकूलन । डी. एन. ए. रिसर्च, 12, 91-102
  • दास एस., घोष एस., पैन ए., दत्ता सी. (2005) सक्षम प्रकटीकरण स्तर के साथ बैक्टिरियल जीनों एवं प्रोटीनों में संगठनात्मक भिन्नता । एफइबीएस लेट. 579, 5205-5210
  • चंदा आई., पैन ए., दत्त सी. (2005) प्लासमोडियम फैल्सीपेरम में प्रोटियोम संरचना : अत्यधिक प्रकट जीनों में जीसी-समृद्ध असममितीय कोडोन का अत्यधिक उपयोग । जे. मेल इवो. 61, 513-523
  • दास एस., पैन ए., पॉल एस., दत्त दी. - नाइट्रोजन फिक्सिंग सिम्बायोटिक बैक्टिरियम ब्रैडिरिजोबियम जैपोनिकम में सिम्बायोटिक टापू एवं कोर जेनोमिक्स में कोडोन एवं एमिनो अम्ल के प्रयोग का तुलनात्मक विश्लेषण । जे. बायोमोल स्ट्रक्चर. डिन., 2005, 23(2), 221-232
  • दास एस., पाल एस., दत्त सी. (2006) एडेनोवायरसों में समान कोडोन प्रयोग : मुटेशन, चयन एवं प्रटीन हाइड्रोपैथी का प्रभाव । वायरस रिस. 117, 227-236

दास एस., पाल एस., दत्त सी. (2006) मानव पैथोजेनिक एक्टिनोबैक्टिरिया ट्रोफेरिमा व्हीप्पली के दो भिन्न स्ट्रेनों में कोडोन एवं एमिनो अम्ल प्रयोग की उत्पादक बधाऍं ।जे.मोल इवो. 62, 645-658

दास एस., पाल एस., बाग एस. के., दत्त सी. (2006) नैनोआर्चियम एक्‍विटैन्स जेनोम एवं प्रोटियोम संरचना का विश्‍लेषण : हाइपरथर्मोफिलिक एवं पारासिटिक अनुकूलन के लिए संकेत । बी. एम. सी. जेनोमिक्स, 7, 186

 

 

 


   © भारतीय रासायनिक जीवविज्ञान संस्थान, कोलकाता     आईआईसीबी - हिंदी इकाई एवं कम्प्यूटर प्रभाग, सीएसआईआर द्वारा डिजाइन और अनुरक्षित